लोकसभा चुनाव 2019 जीतने के ठीक बाद जीते हुए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सांसदों को संबोधित करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा था, “कोई भी सांसद अपने मंत्री पद के लिए कोई प्रयास न करें.” इसके बाद एक पीएम मोदी और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के बीच करीब 5 घंटे गहन चर्चा भी हुई थी. कैबिनेट में शामिल नामों को देखकर साफ़ है कि मोदी-शाह की जोड़ी ने आने वाले चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है.

नतीजतन पुरानी कैबिनेट की तुलना में 37 लोगों को बाहर कर दिया गया और नई कैबिनेट में 22 नये चेहरों को मौका दिया. पीएम मोदी ने अपनी नई कैबिनेट में 57 मंत्री चुने हैं. इनमें करीब एक चौथाई मंत्री देश के तीन राज्यों से चुने गए हैं. ये राज्य हैं, महाराष्ट्र, झारखंड और हरियाणा. इन तीन राज्यों से कुल 57 में से 13 मंत्री चुने गए.

इन्हीं राज्यों से क्यों बनाए गए मंत्री

मोदी-शाह में घंटों हुई चर्चा के बाद यह फैसला हुआ है. ऐसा माना जा रहा है कि यह फैसला एक सोची-समझी रणनीति के तहत ‌लिया गया है. असल में बीजेपी ने अभी से अगले चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है. दरअसल, उत्तर प्रदेश (9 मंत्री) के बाद महाराष्ट्र (सात मंत्री) से सबसे ज्यादा मंत्री चुने जाने और झारखंड और हरियाणा को मंत्रिमंडल में इतनी प्रमुखता दिए जाने को इन तीनों राज्यों के चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है. असल में इन तीनों राज्यों के विधानसभा चुनाव करीब हैं. तीनों ही राज्यों में पहले से बीजेपी की सरकारें हैं. बीजेपी किसी भी हाल में इन तीनों राज्यों को गंवाना नहीं चाहेगी.

यूपी से नौ और महाराष्ट्र से सात मंत्री
यूपी में कुल 80 लोकसभा सीटें हैं. बीजेपी ने यहां 61 और सहयोगी अपना दल (सोनेलाल) ने दो सीटें जीती हैं. तब यहां से कुल नौ मंत्री ही चुने गए. जबकि 48 लोकसभा सीटों वाले महाराष्ट्र में बीजेपी ने 23 व सहयोगी शिवसेना ने 18 सीटें जीतीं. पर आलाकमान ने यहां से कुल सात मंत्री कैबिनेट में शामिल किए. महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2014 में हुए थे. इस साल यहां चुनाव होने के आसार हैं.

महाराष्ट्र से चुने गए मंत्री

– नितिन गडकरी
– पियूष गोयल
– अरविंद सावंत
– रावसाहब दानवे
– रामदास अठावले
– संजय धोत्रे
– वी मुरलीधरन
– प्रकाश जावड़ेकर

हरियाणा में तिकड़ी को साधने की कोशिश
मोदी कैबिनेट 2.0 में हरियाणा से तीन मंत्री चुने गए हैं. हरियाणा में विधानसभा चुनाव 2014 में हुए थे. तब बीजेपी ने प्रचंड जीत दर्ज की थी. इसके बाद मनोहर लाल खट्टर की सरकार बनी थी. इस साल के आखिर में हरियाणा में विधानसभा चुनाव होने के आसार हैं. 10 लोकसभा सीटों वाले इस राज्य से तीन मंत्री चुने गए हैं. बीजेपी ने लोकसभा चुनाव 2019 में यहां क्लीन स्वीप कर दिया था.

हरियाणा से चुने गए मंत्री
– राव इंद्रजीत सिंह
– रतनलाल कटारिया
– कृष्‍णपाल गुज्जर

रतन लाल कटारिया

झारखंड में आदिवासी और गैर-आदिवासी दोनों को मौका
झारखंड की राजनी‌ति दो अहम धूरी है, आदिवासी नेता और गैरआदिवासी नेता. बीजेपी 2014 में विधानसभा चुनाव जीतने के बाद रघुबर दास को झारखंड का पहला गैर-आदिवासी सीएम बनाया गया. अब फिर से इस राज्य में चुनाव की आहट है. ऐसे में पीएम मोदी ने कैबिनेट में पूर्व सीएम और आदिवासी समुदाय से आने वाले अर्जुन मुंडा को कैबिनेट में जगह देकर इस धड़े को संदेश दिया है. जबकि मुख्तार अब्बस नकवी को फिर से कैबिनेट का हिस्सा बनाकर उन्होंने झारखंड के विकास के प्रतिबद्धता को दोहराया है.

झारखंड से चुने गए मंत्री
– अर्जुन मुंडा
– मुख्तार अब्बास नकवी

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